HomeहिंदीBPO क्या है और कैसे काम करता है?

BPO क्या है और कैसे काम करता है?

हेलो दोस्तों, आज कल बहुत से युवा job करने की बजाये खुद का business करने में ज्यादा दिलचस्पी रखते है। Business करने के बहुत से फायदे है। जैसे आपको किसी के under काम नहीं करना पड़ता आप खुद ही मालिक होते है , आप अपने हिसाब से काम कर सकते हो इत्यादि। पर, खुद का Business चलाने की पूरी जिम्मेदारी आपकी ही होती है। आपको ही सब कुछ manage करना पड़ता है , employees hire करना,उन्हें salary देना etc। कुल मिलाके हम कह सकते है, की Business चलाने के लिए एक smart approach का होना बेहद जरुरी है। अगर आप कोई Business करना चाहते है या फिर start करने की सोच रहे है , तो ये article आपके लिए बहुत useful होने वाला है। आज हम बात करने जा रहे है, ‘BPO क्या है ‘? इसकी Business में इतनी demand क्यों है ?

BPO का full form है ,”Business Process Outsourcing “। जैसा की आप इसके फुल फॉर्म से ही समझ सकते है ,ये एक ऐसी process है,जिसकी मदद से आप अपने Business को outsource करके बढ़ा सकते है। सरल शब्दो में कहे तो ये एक ऐसी प्रक्रिया है , जिसमे हम किसी third party से contract कर लेते है ,कंपनी के कुछ products को outsource करने के लिए। अब इन product को सँभालने की पूरी जिम्मेदारी third party की ही होती है। अब आपके मन में ये सवाल होगा की ‘outsource ‘का actual meaning क्या होता है ?तो आपको बता दे की आपके business के कुछ कार्यो जैसे IT Support ,Customer Support ,back office work को किसी third पार्टी को देने की प्रक्रिया को ही outsourcing कहते है।

कई company ‘s में इसे ITES (Information Technology Enabled Services) के नाम से भी जाना जाता है। Mostly companies ये technique तब follow करती है,जब वो सारे काम को अकेले अच्छे से manage नहीं कर पा रही हो ,तो वो इस काम को किसी और company को दे देते है ,जो कंपनी ये काम करने में expert होती है। आज के इस पोस्ट में हम आपको BPO के बारे में पूरी जानकारी देंगे। अगर आप इस topic में interested है, तो इस पोस्ट को बिना skip किये end तक पढ़े। तो चलिए बिना किसी देरी के लेख शुरू करते है।

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग – बीपीओ क्या है हिंदी में

BPO का फुल फॉर्म तो आपको पता लग ही गया होगा। अब आपको बताते है, BPO क्या है हिंदी में। दोस्तों ,कोई भी Business तब successful होता है ,जब उसका हर विभाग अपना कार्य बखूबी करे। BPO को लाने का main मकसद, कम resources का इस्तेमाल करके ,Business को grow करना था। वह काम जो company ठीक ढंग से नहीं संभाल पा रही है,उन्हें किसी दूसरी company को देना जिसमे उस कंपनी को महारत हासिल हो। ऐसा करने के बहुत सारे लाभ है ,जैसे आपको कम समय में काम मिल जायेगा,आपका काम experts के द्वारा होगा, तो वो perfectly होगा उसमे गलती की कोई गुंजाईश नहीं होगी। साथ ही इसकी cost भी ज्यादा नहीं होती है ,आप इसे easily afford कर सकते है।

BPO में वैसे तो बहुत सारे कार्य आते है। जिसमे से कुछ main काम इस प्रकार है :-

  • Technical Support
  • Billing Administration
    *Customer Service
  • Back Office Work

बड़े -बड़े Business organization BPO का इस्तेमाल करते है क्योकि ये एक tactics जिससे आपका Business तो grow होता ही है ,साथ ही आपकी money भी save होती है। इसलिए इसे businessman ‘Money Saving Technique ‘ के नाम से भी जानते है। आपको बता दे की BPO executive का मुख़्य काम task को monitor करना है और ये ज्यादातर back-end पे ही काम करते है। Front-end का काम main leading company संभालती है।

BPO का इस्तेमाल करने से company अपने basic काम पे ज्यादा focus कर पाती है और इससे Business expand करना आपके लिए ओर भी आसान हो जाता है। कोई भी company third पार्टी vendor को अपने customer की जरुरत को पूरा करने का कार्य देती है। customer की हर problem को solve करके उन्हें sanctification देना ही, BPO executive का प्रमुख कार्य होता है।

कोई भी कंपनी मुख्य रूप से दो कार्यो को ही third company के through outsource करती है।

  • Back Office Work
  • Front Office Work

आप किसी भी प्रकार का काम BPO कंपनी के through outsource कर सकते है। ये पूरी तरह आपकी company की जरुरत पर निर्भर करता है।

बीपीओ की काहानी

अब थोड़ा BPO की गहराई में जाते है और बात कर लेते है, की इसकी शुरुआत कहा से हुई थी। आपकी जानकारी के लिए बता दे की BPO का इस्तेमाल सबसे पहले Ross Perot ने किया था। सन 1962 में Perot ने EDS (Electronic Data System ) की स्थापना की थी। जिसका मुख्य उदेश्य था,की आपको product के design, manufacturing या selling की knowledge हो या ना हो पर आपको उसकी technology की information को manage करना अच्छे तरीके से आना चाहिए।

इस information की मदद सेआप अपना customer base बढ़ा सकते है। पर इसके लिए आपको monthly fees चुकानी होती है। ये contract कम से कम 2 से 10 साल के बीच होना जरूरी है।
तो ये थी, BPO की कहानी जिसका motto customer satisfaction होता है।

बीपीओ नौकरी के प्रकार

BPO की job पाना बेहद आसान है। इसमें ना आपको ज्यादा qualification चाहिए और ना ही कोई experience। इसकी सबसे खास बात ये ही की इसमें fresher भी easily apply कर सकते है और experience हो जाने पे इसमें promotion की chances भी काफी ज्यादा है।
BPO की नौकरी को हम मुख्य रूप से दो categories में बाँट सकते है।

  • Front Office customer Services : जैसा की इसके नाम से ही समझ गए होंगे, इस job में tech support का काम रहता है। इसमें आपको front end पे जो भी technical issues होते है,उन्हें resolve करना होता है।
  • Back Office Business Functions : इसमें main task billing का होता है। आपको back-end के सब काम manage करने होते है ,जैसे bill information update करना, customer की call का जवाब देना, customer -satisfaction का ध्यान रखना इत्यादि।
    आप अपनी जरुरत और choice के हिसाब से किसी भी job को opt कर सकते है।

BPO Candidate की Responsibilities

एक BPO candidate पे बहुत सारी जिम्मेदारी होती है,जिसे उसे बखूबी निभाना होता है। चलिए बात कर लेते है,ऐसी ही कुछ responsibilities के बारे में विस्तार से।

  • BPO candidate की सबसे पहली जिम्मेदारी है,customer की call को अच्छे से handle करना। आपको customer से इस तरह बात करनी होती है, की वो आपकी बातो को समझे तथा आपके जवाब से संतुष्ट हो सके।
  • एक BPO candidate को खुद को update रखना चाहिए और नयी-नयी चीज़ो के बारे में जानने का शौक होना चाहिए। कुल मिला के हम कह सकते है, की आपका जिज्ञासु होना बेहद जरुरी है।
  • एक BPO candidate के पास में जब भी कोई problem आती है, तो उससे पहले तो अपने level पे solve करने की कोशिश करनी चाहिए। फिर भी अगर client satisfy नहीं होता है,तो आपको अपने team leader से बात करके ,किसी भी तरह customer की problem को solve करना होता है।
  • आपको customer से इस तरह बात करनी चाहिए,जिससे उसे लगे की आप उसकी problem समझ रहे है। और वो आपकी बातो और solution से पूरी तरह satisfy हो सके।
  • हर BPO candidate को basic services तो पता होनी ही चाहिए। साथ ही आपको कुछ चीज़ो की deep knowledge भी होनी चाहिए जैसे Financial Analysis, legal services, Business research इत्यादि।
  • आपको अपनी services और target का पूरा ज्ञान होना चाहिए ,जिससे आप अपनी काबिलियत से customer को बेहतर service प्रदान कर सको।
  • BPO में customer -satisfaction पहली प्राथमिकता होती है। आपको किसी भी तरह customer की जरुरत को पूरा करना है। जिससे वो आपके साथ जुड़ा रहे।

तो आप अगर BPO Candidate बनना चाहते है, तो आपको ऊपर दी गयी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाना पड़ेगा।

BPO Candidate की Skills

चलिए ,अब आगे बढ़ते है और बात कर लेते है, BPO Candidate की basic skills की। अब तक तो आप समझ ही गए होंगे की BPO का प्रमुख काम customer calls receive करके, उनकी problem सुनना और उसे solve करना है। ये काम करने के लिए आपकी communication skill बहुत अच्छी होनी चाहिए। आपको customer से इस तरह से बात करनी चाहिए की वो आपकी बातो से संतुष्ट हो सके। In short, हम कह सकते है,की आपकी Oral और written दोनों ही communication skill बेहतरीन होनी चाहिए। चलिए,अब बात कर लेते है, BPO candidates की और skills के बारे में।

  • सबसे पहली requirement BPO बनने के लिए ये होती है, की आपकी communication skills अच्छी होनी चाहिए। communication skill अच्छी होने का फायदा ये होता है, की आप customer की problems को समझ के उनको अच्छे से solve कर पाओगे।
  • आपका एक effective communicator होना बहुत जरुरी है। क्योकि एक बेहतरीन communicator ही customer को संतुष्ट करने की काबिलियत रखता है।
  • जैसा की आप सब जानते है,आज कल हर काम computer के through ही होता है। तो BPO बनने के लिए आपको computer की basic knowledge होनी चाहिए।
  • एक BPO Candidate को हर वातावरण में ढालना आना चाहिए। उसके पास हर तरह के माहौल को adapt करने की काबिलियत होनी चाहिए।
  • आपका जिज्ञासु होना बेहद जरुरी है। आपको नयी -नयी चीज़े सिखने का शौक होना चाहिए और खुद को हमेशा कुछ नया करने के लिए motivate करते रहना चाहिए।
  • कई बार customer satisfy नहीं होता,तो आपको उससे किसी भी तरह संतुष्ट करना होता है। इसके लिए आपको patience रखना बहुत जरुरी है।
  • खुद को हमेशा update रखना चाहिए। ताकि, customer की किसी भी तरह की समस्या हो आप उसे आसानी से solve कर सके।

तो हम कह सकते है, की एक BPO बनने के लिए आपमें ऊपर बताई गयी सारी skills होनी चाहिए। अगर आपमें ये सब skills है तो आपको एक बेहतरीन BPO बनने से कोई नहीं रोक सकता।

BPO Candidate की Educational Qualification

किसी भी job profile के लिए,आपके पास किसी ना किसी Qualification का होना बहुत जरुरी है। वैसे तो BPO बनने के लिए आपको कोई specific Qualification नहीं चाहिए होती, बस आपके पास कोई एक degree होनी चाहिए। पर वो degree किसी recognized university या board से होनी चाहिए। जैसा की आप जानते है, BPO का काम clients को handle करना होता है,तो ज्यादातर इसमें bachelor ‘s degree maths ,science और statistics में होनी चाहिए।

इन subjects में degree होने से आप BPO का काम अच्छे से संभाल पाएंगे।
बात करे BPO job की तो ये job fresher के लिए ज्यादा कामयाब होती है ,क्योकि उन्हें बाकि knowledge कम होती है ,तो वो इसे अच्छे से समझ पाएंगे और experience होने पर वो इसमें promotion भी ले पाएंगे।

बीपीओ वेतन

अब बात कर लेते है ,एक अहम् topic पे की BPO को कितनी salary मिलती है ? तो आपको बता दे की,एक fresher के हिसाब से ये जॉब काफी अच्छी है। आपको इसमें monthly income 15000 -20000 के बीच मिलती है। इस हिसाब से आपकी सालाना income Rs 202,379होती है। आपका काम अच्छा है, तो आपको promotion भी जल्दी मिलेगा।

Salary hike के लिए आपका experience अच्छा होना चाहिए। BPO की job में आपको बहुत जल्दी promotion मिल जाते है ,जरुरत है तो काम को समझने की और उसे बेहतर तरीके से करने की। अब ये पूरी तरह आप पर निर्भर करता है, की आप कितनी जल्दी और कितने अच्छी तरह काम को समझ पाते है। ताकि आपका वतन बढ़ सके।

KPO क्या है

अगर आपको outsourcing के बारे में थोड़ी-सी भी knowledge है, तो आपने KPO के बारे में जरूर सुना होगा। KPO का फुल फॉर्म होता है ‘Knowledge Process outsourcing ‘। ये BPO के मुकाबले कम popular है, क्योकि इसमें आपको technical और analytical Knowledge ज्यादा होनी चाहिए।

KPO की जरुरत तब पडती है ,जब skilled labor की कमी हो जाती है और ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। इसका इस्तेमाल करने से आपको cost reduction तो कम होता ही है ,साथ ही आपके Business में additional value creation भी मिलता है। जिससे आपके company products की demand market में बढ़ती है। आज के इस युग में BPO और KPO आपके Business को increase करने में काफी important role play करते है।

इन techniques का इस्तेमाल करके अपने Business को उचाईयो तक पंहुचा सकते है।

आउटसोर्सिंग का मतलब क्या है?

किसी भी Business की शुरुआत करना इतना आसान नहीं होता। इसके लिए आपको better ideas के साथ -साथ proper planning भी होनी चाहिए। जब आप अच्छे से planning कर ले तो, अब आपको staff ,sufficient infrastructure और proper
expertise की जरुरत पडती है। Business के शुरुआती समय में इन सब चीज़ो को manage कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस situation में आपकी help करता है, outsourcing Process।

इससे आपका budget भी manage हो जायेगा ,आपको अच्छी quality की चीज़े भी मिलेगी और कम समय में आपका काम भी हो जायेगा। Basically , outsourcing में हम कंपनी का कुछ काम third पार्टी को दे देते है ,जो ये काम करने में expert हो।

BPO के Advantages क्या है

वैसे तो आपको बहुत से फायदे देखने को मिल जायेगे BPO के। पर हम उन फायदों के बारे में विस्तार से बात करेंगे जो आपको Business में benefit देते है। चलिए जानते है ,इन फायदों के बारे में।

  • BPO में आप अपनी कंपनी के कुछ कार्य third पार्टी को outsource करते है ,जिससे आप अपनी company के core Business को बढ़ाने में समय दे सकते है। इससे आपकी कंपनी को competitive benefit तो मिलेगा ही साथ ही value chain management भी बढ़ेगा।
  • आपके Business की speed और efficiency भी काफी जल्दी बढ़ेगी।
  • BPO को operate करने में cost भी बहुत कम लगती है। आप इसे आसानी से afford कर सकते है।
  • Automation भी improve होता है,आपके Business का।
  • आपको scaling में भी काफी flexibility मिलती है।
  • आपकी company की organizational growth में काफी तरक्की होती है।
  • BPO का इस्तेमाल करने से आप कम जरुरी Business assets पर फोकस करने की बजाये,जरुरी assets पर फोकस कर सकते है। जिससे आपका Business जल्दी grow करेगा।
  • BPO के through Business में technology को access करना काफी आसान हो जाता है और आप वक़्त के साथ खुद को update कर सकते है।
  • BPO का काम customer को satisfy करना होता है। जिससे आप customer और product को smartly analyze कर सकते है।
  • आप सब BPO के फायदे के बारे में जान ही गए होंगे और समझ गए होंगे की ये आपके Business के लिए कितना जरुरी tool साबित हो सकता है।

BPO की Disadvantages

अब जहाँ इतने फायदे होते है ,तो वह थोड़ा बहुत नुकसान भी तो होगा ना। पर इसके फायदों के मुकाबले, इसके disadvantage बहुत कम होते है।

  • Data privacy के breach होने की संभावना बढ़ जाती है। आपको बता दे की data breaching एक confirm घटना है, जिसमे authorization के बिना ही डाटा access किया जाता है। जो आपके बिज़नेस के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
  • BPO में running cost को underestimate कर दिया जाता है। जिससे आपको थोड़ा cost management का ध्यान रखना पड़ता है।
  • जैसा की आप जानते है ,इसमें आप कुछ कार्य third पार्टी को देते है ,इससे आपकी dependency बढ़ जाती है ,service provider और आपको कुछ भी step लेने के लिए उनके काम complete करने का wait करना पड़ता है।

तो ये थे, कुछ नुकसान BPO के जिन से आप बच भी सकते है ,कोई smart approach use करके।

Outsourcing के फायदे

अब नजर दाल लेते है, outsourcing के फायदों पर। जो इस प्रकार है।

  • सबसे पहले फायदा ये है की ,इससे आपका समय बहुत बच जाता है। उस समय को आप दूसरे creative ideas सोचने में लगा सकते है। जिससे आपके बिज़नेस को काफी फायदा हो सकता है।
  • Outsourcing का इस्तेमाल करने से, आपको cost -efficiency में काफी लाभ होता है। क्योकि इससे आपके task बहुत काम समय में पुरे हो जाते है ,वो भी बेहतरीन तरीके से।
  • इसका सबसे ज्यादा फायदा तो ये है की ,अगर कोई employee बिना बताये जॉब छोड़ भी दे तो तो कंपनी को कोई भारी नुकसान नहीं होता।
  • आपके client के पास अगर कम skill है, तो उसे यहाँ बहुत सारी चीज़े सिखने को मिल जाती है। जिससे उसका experience बढ़ने के साथ ही company को भी बहुत फायदा होता है।
  • Outsourcing से overhead cost भी काम होती है। क्योकि इसमें आपको बस काम करने के पैसे देने होते है। Resources का management करने की सारी जिम्मेदारी third party की होती है।

बीपीओ और कॉल सेंटर के बीच का अंतर

ज्यादातर लोगो ,BPO को कॉल सेंटर की job ही मानते है। हाँ,हम ये जरूर कह सकते है, की कुछ हद तक दोनों का काम customer को satisfy करना होता है। पर इनकी working procedure अलग है। BPO में किसी भी business organization के कुछ process की working की जिम्मेदारी लेता है। इसका इस्तेमाल करने से Outsourcing cost तो कम होती ही है,साथ ही business में काफी profit होता है।

वही ,कॉल सेंटर business का एक part है, जिसका main काम सिर्फ calls को handle करना है। आपको बस customer की complain को सुनना है और उसे solve करना है। हम कॉल सेंटर को तो BPO organization मान सकते है ,पर BPO को कॉल सेंटर किसी भी कीमत पर नहीं कह सकते।

Final Thoughts :

आज के इस पोस्ट में मैंने BPO क्या है? के बारे में विस्तार से समझया। हमने छोटे से छोटा point भी skip नहीं किया। उम्मीद करती हु की आपको ये लेख समझ आया होगा और BPO को लेके आपके जितने भी doubt थे, वो सब दूर गए होंगे। अगर पोस्ट पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर कीजिये ,ताकि किसी ओर को भी इसका फायदा मिल सके। आपके doubts आप comment section में पूछ सकते है। हमारे साथ जुड़े रहने के लिए ,आप हमे social networking platform पर भी follow कर सकते है।

Don't forget to connect with REVIEWTECHAUTO on Facebook, Telegram, YouTube, and Instagram.

- Advertisement -
Jyotihttp://www.reviewtechauto.com
Hi Folks. I am Jyoti, pursuing my passion to write content on Technology and Automobiles. I am a B.Tech (IT) graduate who loves to write content on different niche. Being passionate since college days, I took it as my full-time career. I started this blog to deliver unbiased reviews to the readers and let them choose the right product based on their reviews. If you want to contact me, you can drop your mail at [email protected]
- Advertisement -
Must Read
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here